छत्तीसगढ़ में नौतपा की शुरुआत के साथ भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। तापमान बढ़ने से एसी, कूलर और पंखों का उपयोग बढ़ गया है। पीक ऑवर्स में बिजली की मांग 6000 मेगावाट तक पहुंच गई है। हसदेव थर्मल पावर स्टेशन की दो इकाइयों के बंद होने से बिजली आपूर्ति पर दबाव आ गया है। कोरबा स्थित हसदेव थर्मल पावर स्टेशन की कुल क्षमता 1340 मेगावाट है। बिजली की कमी के कारण गांव-शहर में लो-वोल्टेज का संकट है। राज्य सरकार बिजली आपूर्ति को सुचारु करने के प्रयास कर रही है। बिजली की मांग को पूरा करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। लोगों को लो-वोल्टेज की समस्या से निपटने के लिए जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। Source: Source Post navigation करसोग में चुनाव आयोग की बड़ी लापरवाही सीएम साय दिल्ली से वापस, आज कैबिनेट बैठक