छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के भालूकोना क्षेत्र में निकल, कॉपर और पैलेडियम के बड़े भंडार की पुष्टि हुई है। यह देश की पहली ऐसी खदान बनने जा रही है जहां इन दुर्लभ खनिजों की इतनी बड़ी मात्रा मिलने की संभावना है। खनन क्षेत्र में लगभग 1.3 किलोमीटर तक खनिज मौजूद होने के संकेत मिले हैं। अब तक 430 मीटर लंबाई और 200 मीटर से अधिक गहराई तक खनिजों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस परियोजना का आवंटन डेक्कन गोल्ड माइंस को किया गया है। जांच के दौरान पेंटलैंडाइट, चाल्कोपायराइट और पायरोटाइट जैसे सल्फाइड खनिज पाए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ये संकेत जमीन के नीचे बड़े पैमाने पर निकल और कॉपर भंडार की ओर इशारा करते हैं। इन खनिजों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों और उन्नत विनिर्माण उद्योगों में होता है। कंपनी अब तक 9 ड्रिल होल के जरिए करीब 1500 मीटर ड्रिलिंग पूरी कर चुकी है। प्रारंभिक जांच के परिणामों को बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। कंपनी जल्द ही माइनिंग लीज के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रही है। मानसून के दौरान सतही सर्वेक्षण और मिट्टी परीक्षण जारी रहेगा। बारिश समाप्त होने के बाद ड्रिलिंग और अन्वेषण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। इस खोज से देश में रणनीतिक खनिजों की उपलब्धता बढ़ने और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। Source: Source Post navigation अगले अप्रैल से नई कारों के लिए AC चालू और बंद दोनों स्थिति में माइलेज टेस्ट अनिवार्य चंडीगढ़ में फैंसी गाड़ी नंबरों की नीलामी में 0003 नंबर 37.63 लाख में बिका, सरकार को 4.13 करोड़ की कमाई