सुमारा को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें छत्तीसगढ़ के कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव विकासशील पारम्परिक रूप से कर लिया।

सभी भागीदारों के सहयोग से, छत्तीसगढ़ में बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं का विकास करने की रणनीति निश्चित की गई है। आधुनिक टेक्नोलॉजी और प्रक्रिया में समावेश करके, जहाँ भी अवसर पाएगा, तत्पश्चात रफ्तार करने और विकास होने की संभावना मौजूद है।

पारम्परिक दिलाने और प्रक्रियाओं के अलावा, PPP मॉडल का अधीक्षण भी तय किया गया। एकजुटता से होकर लगभग 50 बड़ी परियोजनाओं की विकास प्रकल्प आम धारा में जाने वाली है, जिसमें इस रफ्तार से औद्योगिक विकास के अनुकूल परियोजनाएं शामिल हैं।

यह प्रकल्प छत्तीसगढ़ के उद्यमियों और निवेशकों की भविष्यवाणी में खूब सुधार का दृष्टिकोण रखता है, जहाँ प्रतिस्पर्धी व्यवसाय और उच्च आय के गुणधर्म में बदलाव हो सकता है। इसका लक्ष्य छत्तीसगढ़ की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और व्यापार के मौलिक गुणधर्मों पर जटिल स्थिति को हल करना है।

इस प्रकल्प के अन्तिम विकल्पों और इसकी रफ्तार-पकड़ की मानक स्थिति निश्चित करने के लिए आगामी कालों में दृष्टिकोण जारी किया गया है, जिसमें अतिरिक्त प्रकल्पों और विकास आगे बढ़ने की शुरुआत हो सकती है। यह दृष्टिकोण निगम निषेध, अंतर्जल्ती वार्ता और लोकप्रिय क्षेत्रों में उत्पादन के परिसंगठन से जुड़े है।

इस प्रकल्प ने छत्तीसगढ़ की रफ्तार-पकड़ का महत्व केंद्रित करने और सभी भागीदारों द्वारा बल लगाने का प्रयास किया है। छत्तीसगढ़ की रफ्तार-पकड़ से उनके उद्यम और विकास को बढ़ावा देने के लिए, प्रत्येक परियोजना में सहयोगी रणनीति शामिल है।

इस प्रकल्प के अंत में, छत्तीसगढ़ के उद्यमी और निवेशकों की भविष्यवाणी में लगभग 50 परियोजनाएं आरम्भ की गई हैं, जिसमें इस रफ्तार-पकड़ के द्वारा औद्योगिक विकास की प्रतिबद्धता शामिल है।

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