बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अंबिकापुर के राजस्व अधिकारियों को एक नाबालिग के जाति प्रमाण पत्र के आवेदन पर 30 दिनों के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि आवेदन लंबे समय से लंबित है, जिससे छात्र को अपनी आगे की पढ़ाई और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो रही है। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आवेदन का निपटारा करने को कहा है। इस आदेश से याचिकाकर्ता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि प्रमाण पत्र न होने के कारण उसे शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और अन्य लाभों से वंचित होना पड़ रहा था।

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