छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 12वीं कक्षा के हिंदी पेपर के लीक होने के मामले में एक NSUI कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में तीन हजार रुपये में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की बात कबूली। यह घटना बिलासपुर के एक स्कूल के छात्रों के बीच वायरल होने के बाद सामने आई। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से संदेहास्पद संदेश निकाले और उसे गिरफ्तार किया।

परीक्षा लीक के मामले में छत्तीसगढ़ बोर्ड के नियमों के अनुसार, प्रश्नपत्र को एक बंद बॉक्स में भेजा जाता है। इस बार लीक होने वाले पेपर में छात्रों के लिए असामान्य प्रश्न थे, जिससे शंका हुई। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने एक एप्लिकेशन के जरिए प्रश्नपत्र के स्कैन भेजे थे। इससे पहले भी कई बार परीक्षा लीक के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार अधिक स्पष्ट साक्ष्य मिले।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आरोपी के पास से रुपये और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। NSUI के एक नेता ने इस मामले में आरोपी को दल का सदस्य नहीं बताया और इसे व्यक्तिगत कृत्य बताया। छात्रों के परिवारों ने परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई है। एक अभिभावक ने कहा, ‘हमारे बच्चे इस तरह की अनिष्पक्ष परीक्षा में फंसे, यह अन्याय है।’

इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ बोर्ड ने अगले परीक्षा सत्र में सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का वादा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल लीक के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए बोर्ड को तकनीकी सुरक्षा में निवेश करना चाहिए। पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने दोस्तों के माध्यम से प्रश्नपत्र के फोटो बेचे थे। इस मामले में लीक होने वाले पेपर का विषय भी सामान्य नहीं था। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के लीक से छात्रों के भविष्य पर बड़ा असर पड़ता है। अब तक इस मामले में तीन अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। छात्रों के लिए नई परीक्षा की तारीख तय करने की तैयारी शुरू हो गई है।