पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने छात्रों के समर्थन में संसद भवन में भी प्रदर्शन किया था। अब उन्होंने 25 जुलाई को दोबारा सड़क पर उतरने का ऐलान किया है। चंद्रशेखर आजाद पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं। इस आंदोलन के जरिए वह युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की राजनीति में युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में जंतर-मंतर आंदोलन से मिली सियासी बढ़त को यूपी में भुनाना उनके लिए चुनौती होगी। राजनीतिक जानकार इस पूरे घटनाक्रम को आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह आंदोलन चंद्रशेखर आजाद की राजनीतिक स्थिति को कितना मजबूत करता है। Source: Source Post navigation राज्यसभा में पेश हुआ ‘वंदे मातरम् बिल’, विपक्ष के हंगामे के बीच कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित राहुल गांधी ने कथित पेलेट गन पीड़ित छात्र को मीडिया के सामने लाया, धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की फिर उठाई मांग