फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) ने बताया है कि राजस्थान के कुल निर्यात में जयपुर और जोधपुर का हिस्सा लगभग 48 प्रतिशत है। संगठन ने अन्य जिलों से भी निर्यात गतिविधियों में अधिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। वर्तमान में निर्यात का केंद्र कुछ ही प्रमुख शहरों तक सीमित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे राज्य के अन्य क्षेत्रों की आर्थिक क्षमता पूरी तरह उपयोग में नहीं आ पा रही है। छोटे जिलों में उद्योगों और निर्यात इकाइयों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई गई है। निर्यात विविधीकरण से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। FIEO ने स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर भी बल दिया है। सरकार और उद्योग जगत से मिलकर काम करने की अपील की गई है। निर्यात आधार को व्यापक बनाने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह कदम राज्य के समग्र औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Source: Source Post navigation यूपी में औद्योगिक क्रांति: योगी की दूरदर्शी नीतियों और बुलेट ट्रेन से बदलेगी तस्वीर, दिल्ली-लखनऊ का सफर अब सिर्फ 2 घंटे में गुजरात में होम लोन के खाते घटे, लेकिन ऋण राशि बढ़ी; घर खरीदना हुआ महंगा