राजस्थान की राजधानी जयपुर में वन्यजीव सुरक्षित रखने के नाम पर एक बड़ी चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पिछले दिन, वन्यजीव विभाग ने एक विशेष सर्वेक्षण आयोजित किया, जिसका उद्देश्य शहर के आस-पास के अभयारण्यों और वन्यजीव अभिकेंद्रों में रहने वाले विभिन्न प्रजातियों की जनसंख्या का पता लगाना था। परन्तु, सर्वेक्षण शुरू होते ही विभाग के अधिकारी आवश्यक डेटा एकत्र करने में कई बाधाओं का सामना कर रहे थे। कई अधिकारियों ने बताया कि बुनियादी उपकरणों की कमी, सहकारी एजेंसियों से असमय सहयोग और सामान की देर से पहुँच के कारण आंकड़े संग्रहित नहीं हो पाए। इससे न केवल वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों में बाधा आई, बल्कि जनता का भरोसा भी टूट रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी लापरवाही से न केवल प्रजातियों की सही निगरानी नहीं हो पाएगी, बल्कि संभावित वन्य-प्राणियों के संकट का समय पर पता नहीं चल पायेगा। अब वन्यजीव विभाग पर दबाव बढ़ रहा है कि वह तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए, आवश्यक संसाधन प्रदान करे और अगले 24 घंटों में पूर्ण आंकड़े एकत्र करके जनता के सामने प्रस्तुत करे।

By AIAdmin