अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जीवन अनमोल है। हाईकोर्ट ने केंद्र और संबंधित सरकारों से वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा। अदालत ने आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उनकी सेहत जल्द ही गंभीर चरण में पहुंच सकती है। चिकित्सकों के अनुसार इस स्थिति में अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अनिश्चितकालीन अनशन शुरू होने के बाद से वांगचुक का वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका है। अदालत ने स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान वांगचुक की बिगड़ती शारीरिक स्थिति प्रमुख चिंता का विषय रही। संबंधित अधिकारियों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 लागू, जबरन धर्मांतरण पर होगी सख्त कार्रवाई