अर्जुन तेंदुलकर का क्रिकेट सफर सिर्फ प्रदर्शन की कहानी नहीं, बल्कि एक भारी विरासत के दबाव की दास्तान बन गया है. सचिन तेंदुलकर के बेटे होने के कारण अर्जुन को हमेशा तुलना, आलोचना और उम्मीदों के बोझ के बीच देखा गया. IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए अब तक मौका न मिलना इस बात को और गहरा करता है कि उनकी सबसे बड़ी लड़ाई क्रिकेट से ज्यादा धारणा और पहचान की है. 🔗 Read original source — Aaj Tak [RAW] Post navigation 'शादीशुदा हो बताना मत', जब सैफ अली खान को मिली सलाह क्या ठप पड़ जाएगा भारत में इंटरनेट? ईरान के इस बयान से हलचल