ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिका को सीधी चुनौती देते हुए कुवैत और बहरीन में स्थित आठ अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि यह आक्रामक कार्रवाई उनकी पांच तटीय चौकियों पर अमेरिका द्वारा किए गए पूर्व हमलों का सीधा बदला है। इस घटना के बाद मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। ईरान ने ट्रंप प्रशासन द्वारा दी गई धमकियों और अल्टीमेटम की धज्जियां उड़ाते हुए इस हमले को अंजाम दिया है। इस बड़े सैन्य टकराव से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में खलबली मच गई है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ईरान का यह कदम सीधे तौर पर अमेरिका की क्षेत्रीय उपस्थिति को चुनौती देता है। दुनिया भर की नजरें अब अमेरिका की जवाबी प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। फिलहाल, हताहतों और नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। यह घटनाक्रम वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक स्थिरता पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

Source: Source