रोहतास के डेहरी में प्रस्तावित राष्ट्रीय परियोजना को लेकर किसानों में नाराजगी सामने आई है। किसानों ने सरकार पर उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं देने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि व्यावसायिक उपयोग वाली जमीन को कृषि भूमि की श्रेणी में रखा जा रहा है। किसानों के अनुसार इससे उन्हें जमीन की वास्तविक कीमत के मुकाबले कम मुआवजा मिलेगा। पटना से डेहरी तक प्रस्तावित राष्ट्रीय परियोजना के लिए जमीन से जुड़ा मामला सामने आया है। प्रभावित किसानों ने मुआवजे के निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जमीन की मौजूदा स्थिति और उपयोग को ध्यान में रखा जाना चाहिए। किसानों ने सरकार से उचित और पारदर्शी मुआवजा देने की मांग की है। उनका आरोप है कि मौजूदा प्रक्रिया से उनके अधिकारों का नुकसान हो रहा है। जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों में असंतोष बढ़ रहा है। किसानों ने प्रशासन और सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की अपील की है। उनका कहना है कि उचित मुआवजा मिलने के बाद ही प्रभावित लोगों के हितों की रक्षा हो सकेगी। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ पुलिस के 12 अधिकारी-कर्मचारियों को राष्ट्रपति पदक, 15 अगस्त को CM साय करेंगे सम्मानित उज्जैन में खाद्य विभाग की कार्रवाई, 71 किलो पनीर-मावा जब्त; मिलावट की आशंका में सैंपल लिए गए