Anduril Industries ने Farnborough Airshow में अपने स्वायत्त अटैक रोटरक्राफ्ट Thunder का प्रदर्शन किया है। यह मानवरहित प्रणाली मौजूदा और भविष्य के अटैक हेलीकॉप्टरों के लिए ड्रोन विंगमैन के रूप में डिजाइन की गई है। भारत ने भी अपने स्वदेशी मानवरहित सिस्टम Varun Mk I Naval Shipborne UAS के साथ प्रगति दिखाई है। दोनों विकास आधुनिक युद्ध में मानवरहित रोटरी सिस्टम की बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं। ऐसे सिस्टम सैन्य अभियानों में अधिक लचीलापन प्रदान कर सकते हैं। इनका उपयोग जोखिम वाले अभियानों में मानव दल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। ड्रोन तकनीक अब रक्षा रणनीतियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनती जा रही है। स्वायत्त प्रणालियां निगरानी और हमले जैसी क्षमताओं को नई दिशा दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के युद्धों में मानवरहित प्लेटफॉर्म की भूमिका और बढ़ेगी। नई तकनीकों के विकास से सैन्य अभियानों का तरीका बदल सकता है। भारत समेत कई देश इस क्षेत्र में अपनी क्षमताएं मजबूत कर रहे हैं। Source: Source Post navigation भारतीय मूल के कनिष्क नारायण बने ब्रिटेन के पहले AI मंत्री, अब कैबिनेट में भी मिली जगह समुद्र की 2000 मीटर गहराई में भी प्लास्टिक का कहर, 92% गहरे समुद्री जीवों में मिले माइक्रोप्लास्टिक्स