प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। उनके निधन के बाद परिवार ने उनकी स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। परिवार चाहता है कि उनके पैतृक गांव में एक समर्पित संग्रहालय बनाया जाए। इस संग्रहालय में केवल उनका तंबूरा ही नहीं, बल्कि उनके जीवन और कला से जुड़ी कई अमूल्य वस्तुएं भी संरक्षित की जाएंगी। इसमें उनकी साड़ियां, करधन, पारंपरिक आभूषण, वेशभूषा, पुरस्कार और अन्य स्मृति चिन्ह शामिल किए जाने की योजना है। राज्य सरकार पहले ही उनके तंबूरे को संग्रहालय में सुरक्षित रखने की घोषणा कर चुकी है। अब परिवार उनकी संपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर को एक स्थान पर संरक्षित करने की मांग कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य पंडवानी कला और तीजन बाई के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। संग्रहालय उनके जीवन, संघर्ष और कला यात्रा का जीवंत दस्तावेज बनेगा। इससे छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पंडवानी परंपरा को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। Source: Source Post navigation करीब 30 साल बाद टीवी पर लौटे संजय सूरी, बोले- कभी समझौते की राजनीति नहीं सीखी और इसका कोई अफसोस नहीं PM मोदी ने दिग्गज गायिका एस. जानकी को दी श्रद्धांजलि, कहा- संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति