एक अध्ययन के अनुसार तेलंगाना में धान और कपास की खेती का वर्चस्व लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट में बताया गया कि धान के रकबे का 97 प्रतिशत हिस्सा पहले की तरह बना हुआ है। इससे राज्य में फसलों का केंद्रीकरण बढ़ने के संकेत मिले हैं। किसानों का रुझान मुख्य रूप से इन्हीं दो फसलों की ओर बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि फसल विविधता में कमी दीर्घकाल में चुनौती बन सकती है। अध्ययन में कृषि पैटर्न में बदलाव पर भी प्रकाश डाला गया है। कृषि क्षेत्र में संतुलित फसल प्रणाली अपनाने की आवश्यकता बताई गई है। विविध फसलों को बढ़ावा देने से किसानों को बेहतर विकल्प मिल सकते हैं। सरकार और कृषि विशेषज्ञ इस प्रवृत्ति पर नजर बनाए हुए हैं। अध्ययन को राज्य की कृषि नीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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