पेरिस ओलम्पियन और कोमनवेल्थ गेम्स चैंपियन लक्ष्म्या सेन ने अपने ओपनिंग मैच में इफ्रैम स्टीफन सैम को 21-14, 21-16 से मात देकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। उनकी जीत ने भारतीय पुरुष टीम को थॉमस कप में क्वार्टरफ़ाइनल की राह में मजबूत स्थिति प्रदान की। वहीं, उबर कप में भारतीय महिलाओं की जिंद में दिग्गज सुश्री सिंधु का हार टीम की प्रगति को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है, जिससे महिला कोटे में से बाहर निकलने का खतरा बढ़ गया है। अब पुरुषों को आगे के मुकाबले में अपनी जीत को लगातार बनाए रखना होगा, जबकि महिलाओं को अपनी संभावनाओं को बचाने हेतु अतिरिक्त प्रेरणा और रणनीतिक बदलावों की जरूरत है। यह दौर दोनों टीमों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है, जहाँ एक ओर पुरुष टीम में नई ऊर्जा का संचार हुआ है, तो वहीं महिला टीम को कठिन परिस्थिति में पुनरुत्थान की आवश्यकता है। Post navigation गिरते पेड़ से मारे गए किशोर को श्रद्धांजलि केंटकी डर्बी में जीतने वाली पहली महिला ट्रेनर: चेरी डेवॉक्स की कहानी