स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। बिहार के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री की वैचारिक दरिद्रता करार दिया। तेजस्वी ने प्रधानमंत्री की भाषा और बयान की राजनीतिक आलोचना की। ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी को लेकर विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस मुद्दे ने स्वतंत्रता दिवस के बाद बिहार की राजनीति में बहस को तेज कर दिया है। विपक्ष प्रधानमंत्री के बयान को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है। वहीं, भाजपा और उसके समर्थक इस टिप्पणी को देश विरोधी सोच के खिलाफ चेतावनी के रूप में देख रहे हैं। बयान को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री पर वैचारिक स्तर पर हमला बोला है। इस विवाद के बीच बिहार में सियासी तापमान बढ़ता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन सकता है। Source: Source Post navigation शहजाद पूनावाला ने BJP से दिया इस्तीफा, बोले- ‘कुछ लोगों’ की वजह से लेना पड़ा फैसला BJP की नई टीम में छत्तीसगढ़ को अहम जिम्मेदारी, रूप कुमारी चौधरी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं