हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद पर केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह क्लब देश की राजधानी में लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की सार्वजनिक जमीन पर बना हुआ है। खेमका ने कहा कि सरकार का यह कदम सार्वजनिक संपत्ति और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण है। अमीर और प्रभावशाली लोग इसका विरोध करेंगे, लेकिन असली मुद्दा यह है कि क्या सरकार अपने फैसले पर मजबूती से कायम रहती है। इस मामले में किरण बेदी ने केंद्र सरकार का विरोध किया है। दिल्ली जिमखाना क्लब देश के सबसे प्रतिष्ठित क्लबों में गिना जाता है, लेकिन यह क्लब लंबे समय से केंद्र सरकार की जमीन पर संचालित हो रहा है। सरकार का तर्क है कि सार्वजनिक जमीन का इस्तेमाल पारदर्शी और जनहित के अनुरूप होना चाहिए। अशोक खेमका के बयान के राजनीतिक मायने हैं और उनका यह बयान राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। खेमका 1991 बैच के रिटायर्ड IAS हैं और उन्हें 34 साल की सर्विस में 57 बार ट्रांसफर किया गया था। Source: Source Post navigation पेट्रोल-डीजल की कीमतों से बढ़ा माल ढुलाई खर्च PM मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक, पेट्रोल-डीजल पर सरकार को बड़ा नुकसान