दिल्ली के फ्लोरेंस इन होटल में लगी आग में भारी लापरवाही सामने आई है। चश्मदीद अंजुम के अनुसार होटल में प्रवेश और निकास के लिए केवल एक ही गेट था। आग बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर की तरफ से लगी, जिससे ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए। निकास का कोई दूसरा रास्ता नहीं होने के कारण लोगों को जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदना पड़ा। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। चश्मदीद ने बताया कि अफरातफरी का ऐसा माहौल था कि लोग एक-दूसरे की मदद नहीं कर पा रहे थे। होटल में अग्नि सुरक्षा उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर पाए। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना होटलों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मृतकों के परिजन अब भी अपनों को खोजने के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं।

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