पद्मविभूषण तीजन बाई का निधन भारतीय लोककला के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पंडवानी की ‘कापालिक शैली’ को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित करने वाली तीजन बाई का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव गनियारी में राजकीय सम्मान के साथ होगा। एक साधारण पारधी परिवार से निकलकर वैश्विक मंचों तक पहुँचने वाली इस कालजयी कलाकार की जीवन-यात्रा साहस, संघर्ष और कला के प्रति अटूट समर्पण की प्रेरक महागाथा है। Source: Source Post navigation असम में बाढ़ का कहर: धेमाजी में रेलवे पुल का हिस्सा ढहा, जोनाई में लोहे का पुल बहा मंजूरी के इंतजार में अटकी सीतामढ़ी-उरगा फोरलेन परियोजना, जर्जर सड़क पर जोखिम भरा सफर जारी