इस दिन की आवश्यकता के अनुसार, ज्येष्ठ का दूसरा बड़ा मंगल 12 मई को पड़ रहा है. सुबह से लेकर शाम तक, अन्यायी मुहूर्त के बीच देवता जी की पूजा के निर्णयपूर्ण समय होगा. इसके अनुसार, मंगल पर हनुमान जी की प्रतिबद्ध प्रार्थना स्वीकार होने की योजना ली गई है. एक महत्वपूर्ण दिन की शुरुआत, जिसमें ब्रह्म मुहूर्त से आधा रात तक हनुमान जी की पूजा के महत्वपूर्ण मुहूर्त शामिल होंगे. ये समय हर किसी को अपनी मानसिक समाज्य और प्रार्थना के लिए स्वतंत्र बनाए रखेंगे, इसके बाद ही अन्य मुहूर्तों दौरान भी पूजा की ध्यान से श्रद्धा और विश्वास से की जाएगी. इस रविवार की महत्वपूर्ण पूजा के लिए जनता ने उत्तेजित होकर अपने समय को इस दिन पर बँटा. यह आयोजन भारतीय संस्कृति में विशेष जुड़वाँ और धार्मिक संकल्प के प्रति पहचान दिखाता है. 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation सांप बीन की धुन पर नाचते हैं, लेकिन उनके कान होते नहीं! सोना न खरीदने पर नेहरू की अपील… आज मोदी को भी हुई!