मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के सेलाकुई में स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति के समागम में उत्तराखण्ड की समृद्ध आध्यात्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परम्पराओं को संजोने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक पर है, यह जोर देकर कहा। उन्होंने बताया कि इस प्रदेश की पहाड़ी संस्कृति, देवस्थलों और लोक परम्पराओं में जीवंतता है, जिसे प्राकृतिक असंतुलन और आधुनिकता की चपेट से बचाना आवश्यक है। धामी ने सभी को पर्यावरण संरक्षण, धरोहरों की देखभाल और पारम्परिक रीति-रिवाज़ों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। इस अवसर पर स्थानीय स्वैच्छिक संगठनों और सरकारी एजेंसियों को मिलकर धार्मिक स्थलों के रखरखाव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शैक्षिक अभियानों को सुदृढ़ करने की योजना प्रस्तुत की गई। धामी ने निष्कर्ष निकाला कि उत्तराखण्ड का भविष्य केवल आर्थिक विकास में नहीं, बल्कि उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ें मजबूत रखने में निहित है। Post navigation उत्पाद विभाग की तेज़ छापेमारी: 4 शराब तस्कर गिरफ़्तार, बड़ी शराब की खेप बरामद IPL 2026: CSK‑GT मुकाबले में फ़ील्डर की जियादा देर, गेंद बाउंड्री पार—राशिद‑मानव की चूक से याद आया अजमल‑मालिक का पुराना ब्लंडर