पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा और धार्मिक कार्यक्रमों पर कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकारी धन से धार्मिक यात्राओं और आयोजनों पर खर्च किए जाने पर आपत्ति जताई है। डॉ. गांधी ने कहा कि टैक्स का पैसा स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर खर्च होना चाहिए। उन्होंने धार्मिक आस्था को निजी विषय बताते हुए सरकारी संरक्षण पर संवैधानिक सवाल उठाए। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने उनके बयान पर पलटवार किया है। नील गर्ग ने कहा कि यह किसी एक परिवार का नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों का टैक्स का पैसा है। उन्होंने दावा किया कि जनता का पैसा जनता के हित में ही खर्च किया जा रहा है। AAP नेता ने कहा कि सभी धर्मों और धार्मिक आयोजनों का सम्मान पंजाब की साझा परंपरा है। उन्होंने सरकारी खर्च पर सवाल उठाने को उचित बताया, लेकिन आस्था को ‘मुफ्तखोरी’ या ‘आडंबर’ कहने का विरोध किया। नील गर्ग ने कांग्रेस से डॉ. गांधी के बयान पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि वह बयान से सहमत है या असहमत। सहमति होने पर उन्होंने कांग्रेस से आस्था के अपमान के लिए माफी मांगने की मांग की। वहीं असहमति होने पर डॉ. गांधी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कांग्रेस से स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। Source: Source Post navigation सहारनपुर के काजी परिवार में सियासी घमासान, चौथी पीढ़ी की महत्वाकांक्षा से खुली दशकों पुरानी कलह मछली भोज विवाद पर अजय राय की CM को चुनौती, बोले- ‘फोटो दिखा दो, इस्तीफा दे दूंगा’