विदेश मंत्री एस जयशंकर ने समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में समुद्री कानूनों के पालन पर जोर दिया। जयशंकर ने नागरिक जहाजों पर होने वाले हमलों को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। सुरक्षित समुद्री मार्गों के संचालन को वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ सकता है। भारत दक्षिण चीन सागर के लिए प्रभावी आचार संहिता का समर्थन करता है। सम्मेलन के दौरान जयशंकर ने ओमान, ब्रिटेन और नीदरलैंड के नेताओं से भी मुलाकात की। भारत ने क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है। Source: Source Post navigation अमेरिका में AI ‘किल स्विच’ बिल की तैयारी, खतरनाक मॉडल पर रोक लगाने की मिलेगी शक्ति अमेरिकी एजेंसियों की चेतावनी, ईरानी हैकर्स ने जल और ऊर्जा प्रणालियों को बनाया निशाना