चित्रकोट जलप्रपात परिसर में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल आयोजित की गई। आंदोलन का नेतृत्व ग्राम पंचायत चित्रकोट के सरपंच भंवर मौर्य ने किया। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने नीट समेत अन्य परीक्षाओं में पारदर्शी जांच की मांग उठाई। भूख हड़ताल के बाद राष्ट्रपति और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम ज्ञापन तहसीलदार लोहंडीगुड़ा को सौंपा गया। ज्ञापन में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी रखी। आंदोलन को कई सामाजिक और किसान संगठनों का समर्थन मिला। कार्यक्रम में अलग-अलग जिलों से आए लोगों और कुछ सोशल मीडिया समर्थकों ने भी भागीदारी की। सरपंच भंवर मौर्य ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती हैं।

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