पंजाब में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों ने अपनी लंबित वित्तीय मांगों के समर्थन में राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। आज, 22 जून 2026 से राज्य भर के सभी सिविल सर्जन कार्यालयों के बाहर कर्मचारी धरने पर बैठ गए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के ठप होने की संभावना है। एनएचएम ज्वाइंट फ्रंट पंजाब का कहना है कि वे पिछले साढ़े चार वर्षों से अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ‘समान काम, समान वेतन’ के नियम को लागू करना, रुका हुआ लॉयल्टी बोनस जारी करना और वेतन में सम्मानजनक वृद्धि शामिल है। नेताओं का आरोप है कि इतने वर्षों में उनके वेतन में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिसके चलते उन्हें मजबूरन काम बंद हड़ताल का रुख अपनाना पड़ा है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, यह प्रदर्शन जारी रहेगा। इस हड़ताल से आम जनता को होने वाली असुविधा की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और पंजाब सरकार की होगी। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर इस विरोध प्रदर्शन का गहरा असर पड़ने के आसार हैं, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। यूनियन ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें अनसुनी की गईं, तो आंदोलन और अधिक उग्र होगा।

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