नगर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन धार्मिक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय रहा। कथा व्यास पंडित सुयश देव जी महाराज ने महाभारत प्रसंग, राजा परीक्षित की कथा और भीष्म पितामह के जीवन चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भक्ति भाव व्यक्त किया। कथावाचक ने कहा कि महाभारत मानव जीवन को धर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने राजा परीक्षित की कथा के माध्यम से सत्संग और भक्ति के महत्व को समझाया। भीष्म पितामह के त्याग और धर्मनिष्ठा को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों और जयकारों में भावविभोर होकर झूमते नजर आए। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। समिति ने श्रद्धालुओं के लिए बैठने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की थी। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। Source: Source Post navigation सोने के गहने बनाने के बाद कारीगर कपड़े क्यों जला देते हैं? पटना में कृष्ण भजन प्रतियोगिता, भक्ति संगीत से गूंजा कथा मंच