इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी और बेटियों के खिलाफ लगाए गए निराधार और आपत्तिजनक आरोपों को लेकर एक व्यक्ति को फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की पीठ ने FIR दर्ज करने के लिए जारी करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि बिना सबूत लगाए गए सनसनीखेज आरोप आपराधिक कार्रवाई का आधार नहीं बन सकते, खासकर जब मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा हो। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पारिवारिक मतभेदों के चलते लगाए गए बेबुनियाद आरोपों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। Source: Source Post navigation 21 साल की शादी के बाद पति ने मांगा तलाक, कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ रुचि खत्म होना पर्याप्त कारण नहीं कानूनी सहायता न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट ने 30 साल पुराने विस्फोट मामले में दोबारा सुनवाई का आदेश दिया