पानीपत सेक्टर-11 स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के आश्रम में आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी राजेश्वरी भारती ने रविवार को सत्संग के दौरान प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि परमात्मा सर्वव्यापी है और सृष्टि के कण-कण में समाया हुआ है। मनुष्य का अहंकार और अज्ञान ही उसे ईश्वर से दूर करता है। इस दूरी को मिटाकर और अहंकार को त्यागकर ही अद्वैत से अभेदता प्राप्त की जा सकती है। साध्वी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक व्यक्ति के अंतःकरण में दिव्यता वास करती है। पतन की ओर बढ़ते कदमों को आध्यात्मिकता के शिखर तक ले जाने का एकमात्र साधन ब्रह्मज्ञान है। यह एक प्रयोगात्मक विज्ञान है, जो केवल एक पूर्ण सद्गुरु द्वारा ही प्राप्त हो सकता है। आशुतोष महाराज ने लाखों लोगों को यह ज्ञान प्रदान कर उनका जीवन कृतार्थ किया है। आत्मज्ञान होने पर व्यक्ति का तीसरा नेत्र (डिवाइन आई) खुल जाता है, जिससे वह अपनी सत्यात्मा के दर्शन कर अंतर्मुखी होने लगता है। : Source Post navigation हिमाचल में ड्राइवर-कंडक्टरों के ‘परना-गमछा’ पहनने पर रोक:HRTC के फरमान; रंग-बिरंगा कपड़ा प्रोफेशनल छवि खराब कर रहा; ड्रेस कोड का करें पालन परमात्मा सृष्टि के कण-कण में समाए हैं: साध्वी