भारतीय सेना ने पश्चिमी मोर्चे पर दो स्वदेशी हथियार तैनात किए हैं – ULPGM लॉइटरिंग मुनिशन और AGNIKAA VTOL-1 FPV कामिकाजे ड्रोन. DRDO और Adani द्वारा विकसित ये सिस्टम हाई एल्टीट्यूड, EW में सटीक हमला करने में सक्षम हैं। इन नए हथियारों का प्रयोग भारतीय सेना अपनी पश्चिमी सीमा पर करने में मदद मिलेगी। ULPGM लॉइटरिंग मुनिशन, एक वायु-विनिर्भ्राज हथियार है जो 20 किलोमीटर तक स्पष्टता में छूटेगी मिसाइल का पात्रता परीक्षण करने में सक्षम है। AGNIKAA VTOL-1 FPV कामिकाजे ड्रोन, भारतीय डिफ़ेंस R&D निगम DRDO और Adani एडवांस्ड सेविसज़ परियोजना के तहत विकसित हुई है। इसकी मुख्य विशेषताएँ हाई आयु, अधिक भार संदर्भित और निरन्तर चलने की क्षमता है। इन प्रगति के पश्चात, इसके लिए पुष्टि में सफल होने की उम्मीद है कि भारतीय सेना अपने वर्जिनियों पर गुणवत्ता से लाभ उठा सकेगी। इसके माध्यम से, भारतीय सेना को हवाई क्रॉसिंग और आंतरिक सुरक्षा पहलुओं में वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा सकता है। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation नीट पेपर लीक: 16 लोग हिरासत में, आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए कराया मुंडन ताड़ के बागों में बसा ‘स्पैनिश महल’, किरण मजूमदार का घर