ईरान जंग की घटनाओं से भारत पर खतरों के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने आखिर क्या कहे हैं? वातावरण की स्थिति का जायजा लेकर, पेट्रोल और गोल्ड मुद्राओं पर किस प्रकार का असर है और कैसे संभलें? आइए, इन बातों को देखते हैं. वह नीति किस प्रकार का नई समझ लगा कर भारत को यह छुपाकें और मुस्ताकिमतें बढ़ावा दे रहे हैं. पीएम की बातों का एक रियलिटी चेक करने के लिए, भारतीय सरकार ने क्या करा है? और उस प्रकार के असरों से देश का कितना परिवहन किया गया है. इस समय भारतीय आर्थिक नीति में बदलाव का अनुभव हो रहा है, जिसके प्रति उनका यह संबोधन है. और असरों के साथ-साथ भारत की आर्थिक सुरक्षा का महत्व भी ध्यान में रखना है. जब तक प्रधानमंत्री ने इस बात को दिखाया है, उन्हें भारतीय सरकार में अच्छी तरह से परिकल्पना कराने के लिए जोखिम साबित हुआ है. और इस वातावरण में भारतीय देश को यह ट्रांज़िशन प्रक्रिया में सफल रहने का संभव निष्पादन है. अगर भी किसी पर आपदा होती है, तो उसका प्रबंधन और समर्थन में विश्वास रखें. जब तक यह निष्पादन किया जाता है, भारतीय आर्थिक संवाद में अधिक प्रगति होगी. और इस बात का ध्यान रखना है कि भारतीय आर्थिक संवाद में अपने विश्वास और प्रबंधन को बढ़ावा देना.

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