पुणे में फ्यूल एजुकेशन ने ‘माउली – ए टाइमलेस ट्रेडिशन’ नामक विशेष भरतनाट्यम कार्यक्रम का आयोजन किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से भगवान पांडुरंग और पंढरपुर वारी की आध्यात्मिक परंपरा को मंच पर जीवंत किया गया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त नृत्यांगना कलैमामणि बाला देवी चंद्रशेखर ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने महाराष्ट्र के संतों के अभंग और रचनाओं को शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का सुंदर संगम देखने को मिला। दर्शकों ने पारंपरिक कला की इस प्रस्तुति की सराहना की। आयोजन ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश भी दिया। फ्यूल एजुकेशन ने इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। संस्था ने कला और सामाजिक जिम्मेदारी को एक मंच पर लाने का प्रयास किया। यह आयोजन सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक सरोकारों का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा। Source: Source Post navigation पुराने फूड रैपर फेंकें नहीं, किचन में दोबारा इस्तेमाल के ये 7 आसान तरीके अपनाएं आज की कहावत: ‘पैसा अक्सर बहुत महंगा पड़ता है’—यह हमें याद दिलाती है कि जीवन में कुछ चीजों की कीमत धन से नहीं आंकी जा सकती