पुलवामा हमले के अतिरिक्त जुड़े आतंकवादी हमजा बुरहान अर्जुमंद गुलजार डार की PoK में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी। उसके सूत्रों के अनुसार, ISI ने गुलजार डार को प्रिंसिपल का कवर जाहिर किया है, लेकिन उसकी सुरक्षा में ताकत थे AK-47 लैस। आरोप है कि गुलजार डार अल बद्र आतंकवादी संगठन के लिए जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों और भर्ती नेटवर्क चला रहा था। भुवनेश्वर, पुलवामा के अतिरिक्त हमले के माध्यम से इसे पहचाना गया। ISI द्वारा उपहास प्रदान की जाने वाली सुरक्षा पाकोलंड में आतंकवादी हमज़ा गुलजार डार को छिपाया था। AK-47 लैस से निपटने की तैयारी में उसकी वह प्रतिक्रिया दी जाती है, लेकिन कुछ दिनों बाद आतंकवादी गनावरों द्वारा हत्या कर दिया गया। हमले के चेतावनी से संबंधित, जुड़े मंत्रिमंडली और राष्ट्रपति ने भी आचें दी। गुलजार डार की हत्या से जुड़े प्रश्नों में विचार-विमर्श करने के लिए एक आयात का अधिकार घोषित किया गया है। इस पुलवामा हमले से जुड़ी व्यवस्थाओं के बाद, आतंकवादी लोगों की अधिक महत्ता की गई है। राष्ट्रपति ने संदेश दिया है कि आतंकवादी गुलजार डार को न पाप सामाजिक और सुरक्षा प्रतिबिंबने के लिए, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी दृष्टिगोचर किया जाना चाहिए। आतंकवादी गुलजार डार के अन्वेषण में नए संबंधों का उपयोग करते हुए, ISI और पैट्रिओटिक संस्थाएँ बहुत ही मजबूत दलकड़ी बना रहीं हैं। ये अन्वेषण और नए प्रोफाइलिंग कार्यवाहक संस्थाओं में भी सुरक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं। यह पुलवामा हमले ने सत्ता की विश्लेषण में भी उपलब्धि की, जहाँ आतंकवादी गुलजार डार को अभी तक प्रश्न है। इसे अन्वेषण में सिखाने का एक महत्वपूर्ण गुण है, जो राजनीतिक आंदोलनों पर भी अस्पष्टता उत्पन्न कर सकता है। आतंकवादी क्रिमिनलिटी में इसे एक महत्वपूर्ण प्रतिबिंब के रूप में समझा जाता है। यद्यपि ISI ने उसे प्रोफाइल दिया, लेकिन आतंकवादी गनावरों के रणनीति में वह एक समान पापी था। जुड़ी हुई अन्वेषण और अन्य आंदोलनों के दौरान, इस गुलजार डार के बारे में सफल प्रश्न होने की संभावना है। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड का पाकिस्तानी आतंकी सहायक अज्ञात शख्स द्वारा मारे गए पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान, अब कितने गुनहगार बाकी?