केंद्र सरकार पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए कानून को और सख्त करने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक में दोषी पाए जाने वालों को 10 साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा दोषियों पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य संगठित नकल और परीक्षा माफिया पर प्रभावी कार्रवाई करना है। संशोधन के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जाएगी। पेपर लीक के मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों को अधिक अधिकार दिए जाने की संभावना है। इससे लंबित मामलों का जल्द निपटारा हो सकेगा। यह कदम प्रतियोगी और सरकारी परीक्षाओं में विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। सरकार पहले से लागू परीक्षा कानून में बदलाव कर सख्त दंड व्यवस्था लागू करना चाहती है। नए प्रावधान लागू होने के बाद पेपर लीक करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। Source: Source Post navigation CIET-NCERT भर्ती 2026: शिक्षा परियोजनाओं के लिए संविदा पदों पर आवेदन शुरू, 30 जुलाई तक करें अप्लाई सीतापुर में फर्जी TET नंबर से नौकरी पाने वाले 7 शिक्षकों की सेवा समाप्त, FIR के निर्देश