मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में फर्जी मेडिकल बिल घोटाले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले मामले में अभी भी 66 लाख रुपये की वसूली लंबित है। इसके बावजूद 16 सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) को प्रमोशन दिए जाने का मामला सामने आया है। इस फैसले को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। घोटाले से जुड़े मामलों में कार्रवाई और रिकवरी की स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगे जाने की बात कही जा रही है। मामले में यह जांच का विषय है कि प्रमोशन प्रक्रिया में लंबित वसूली को किस तरह देखा गया। पुलिस मुख्यालय के फैसले को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सरकारी धन से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता की मांग उठ रही है। विभागीय रिकॉर्ड और जांच प्रक्रिया की समीक्षा की जा सकती है। फिलहाल मामले को लेकर अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है। Source: Source Post navigation नारायणपुर और बीजापुर उप जेल का होगा उन्नयन, राज्य शासन ने जारी किया आदेश