मध्य प्रदेश के इटारसी में सहकारी उपभोक्ता भंडारों के संचालन में वित्तीय अनियमितताओं और गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस महासचिव और उनके भाई के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया है। सहकारी भंडार के फंड में हेराफेरी कर निजी लाभ लेने की शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की भूमिका की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इस घटना से स्थानीय राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। शिकायतकर्ताओं ने साक्ष्यों के साथ जालसाजी के आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि गबन की सही राशि का पता चल सके। यह मामला सहकारी समितियों में पारदर्शिता को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने जल्द ही आरोपियों से पूछताछ करने की योजना बनाई है। स्थानीय लोग इस घटना को सरकारी धन के दुरुपयोग के रूप में देख रहे हैं।

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