मौसम विभाग ने दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में हल्की बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना जताई। 13 मई से बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम ने छत्तीसगढ़ के मौसम पर प्रभाव पड़ने का अवसर उत्पन्न किया। इसके अलावा, जिलों में शरदी-बैंगन सहित रूपकाकार बारिश की प्रभावशीलता भी महसूस की जा सकती है। आर्थिक और खेत-खेत के मुद्दों पर प्रभाव पड़ने का अवसर भी उपलब्ध है। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ की ग्रामीण क्षेत्रों में वज्रपात की भी संभावना उपलब्ध है। इसके अर्थ में, लोगों को बारिश के और वज्रपात के लिए चुपचाप समझौते बनाना चाहिए। इस मौसमी स्थिति में, प्रशासन को भी इन अवसरों को ध्यान में रखकर बारिश के प्रभाव का पर्याप्त समाधान उपलब्ध कराने की ज़िम्मेदारी है।

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