छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुई इनमें सुधार एक प्रेरणाशी कहानी है। पांच पूर्व महिला नक्सली, जो बस्तर के घने जंगलों में सुरक्षाबलों के खिलाफ हमले के दौरान बंदूकें तानने वाली थीं, अब साबरी नदी के किनारे ‘तुंगल नेचर कैफे’ में पर्यटकों को मुस्कुराकर गर्म कॉफी परोस रही हैं। पांच महिलाएं, सौरभा, रेनी, निकला, श्रवना और अनुराजा के नाम पर जानी जाती हैं। वे 2018 में बस्तर राष्ट्रीय गुट के साथ लड़की और अपने परिवार को छोड़कर आत्मविनाश का मार्जिन चलाती हैं। सुधार की यह कहानी की अन्दर से जांचने पर देखते हैं कि यद्यपि वे महासंघियों थीं, लेकिन उनका अधिकांश समय और ध्यान दार्शनिक प्रवृत्ति के लिए व्यवहार से भरा था। उन्होंने साबरी नदी में अपने ‘तुंगल नेचर कैफे’ की प्रशस्ति को खड़ा किया, जहाँ वे गर्म कॉफी से लेकर हाइक्स और अन्य स्थानीय फलों से तत्परता की दिखाई देती हैं। सुधार जो उदाहरण प्रदान कर रही है, वह परिस्थिति में बदलती दास्ता की सामान्य अवधारणाओं को खड़ाकर देर लगे। वे पहले हमलों के मुद्रें से बचने के लिए गुट की ज्यादातरता में रहकर, अब उन्हें अपनी प्रवृत्ति और भावनाओं से निकलने की इच्छा है। आत्मसमर्पण की यह कथा देखते हुए, महासंघियों की धारणाओं से पूरी तरह से बदलने की उपेक्षा कर लाए जा रही है। वर्तमान में, उनकी कॉफी के प्रणाली और दिया गया संसाधन विकास का एक प्रतिबिम्ब है। इसके नए शहर में चलने वाले और पर्यटकों द्वारा प्रोमोशन के साथ, उन्होंने अपनी कवरिंग कैफे बनाने के लिए ट्रेनिंग और अनुभव प्रदान किया। जब समय में, उनकी इच्छा है कि बस्तर राष्ट्रीय गुट के लिए आत्मविश्वास का नवीन मार्जिन बनें। महासंघियों की सुधार और परिवर्तन के दौरान, उनकी कफे की नई अवधारणा जलती है। आदालतों की कानूनी पड़ियों से बचकर, महिलाएं अपनी धार्मिक और दुनियावादी प्रवृत्तियों का उदाहरण देती हैं। इसके माध्यम से, नए पूर्व महिलाओं की यादृच्छिकता और भावनाएँ बस्तर के अभिमान को रचित करने में सहयोग करती हैं। कफे का उपयोग इन महिलाओं के जीवन में एक अच्छे रूप से समझाने वाला माध्यम है, जहाँ उन्होंने इसकी आदरण का चुनाव तथा अपनी प्रवृत्ति से प्रेम करने का चुनाव किया। हमें दिखाई देता है कि इसके माध्यम से उनकी भावनाएँ और प्रवृत्तियों का अपने रहस्य पुनर्जीवण हो रहा है, जो बस्तर की समाजिक और आर्थिक विकास में एक नई दिशा रचती है। 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation अगले चुनाव तक के लिए आश्रम में शिफ्ट हुए प्रशांत किशोर, बताया पूरा प्लान इंदौर में सोलर प्रणाली इनोवेटिव बेंच शुरू की, पानी की बौछार का हल