केरल की एक उपभोक्ता आयोग ने डायपर की डिलीवरी नहीं करने पर कूरियर कंपनी को मुआवजा देने का आदेश दिया है। एक पिता ने अपनी बच्ची के लिए FirstCry से डायपर मंगाए थे। ऑनलाइन ऑर्डर के बाद विक्रेता ने सामान समय पर कूरियर कंपनी को भेज दिया था। इसके बावजूद डायपर ग्राहक तक नहीं पहुंच सके। डिलीवरी में बार-बार देरी हुई और ऑर्डर की स्थिति को लेकर गलत जानकारी दी गई। लगातार समस्या के कारण ग्राहक ने आखिरकार ऑर्डर रद्द कर दिया। कूरियर कंपनी डिलीवरी प्रयासों का पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सकी। कंपनी यह भी साबित नहीं कर पाई कि ग्राहक ने सामान लेने से इनकार किया था। आयोग ने मामले को सेवा में कमी माना। आयोग ने कूरियर कंपनी Xpressbees को ग्राहक को मुआवजा देने का निर्देश दिया। कंपनी को कुल 22,500 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया गया। इसमें मुआवजे के साथ मुकदमे की लागत भी शामिल है। आयोग के अनुसार ग्राहक को समय पर सेवा उपलब्ध नहीं कराना सेवा में कमी के दायरे में आता है। मामले में डिलीवरी रिकॉर्ड और कंपनी की ओर से दिए गए अपडेट भी महत्वपूर्ण रहे। आदेश के बाद उपभोक्ता को राहत मिली है और कूरियर सेवा की जवाबदेही पर भी सवाल उठे हैं।

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