बस्तर क्षेत्र के लोगों और युवाओं के साहस की देशभर में पहचान रही है। करीब चार दशक तक बस्तर ने वामपंथी उग्रवाद और नक्सल हिंसा का सामना किया है। इस दौरान स्थानीय युवाओं ने कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा बलों का साथ दिया। नक्सल विरोधी अभियान में जिला रिजर्व गार्ड और बस्तर बटालियन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इन बलों ने अपने साहस और रणनीति से इतिहास में विशेष स्थान बनाया है। बस्तर की सैन्य क्षमता और युवाओं के अनुभव को नई दिशा देने की जरूरत महसूस की जा रही है। क्षेत्र के कई युवा पहले से ही सेना और अन्य सैन्य इकाइयों में देश सेवा कर रहे हैं। अग्निवीर योजना सहित विभिन्न माध्यमों से बस्तर के युवा रक्षा क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं। बस्तर रेजिमेंट के गठन से स्थानीय प्रतिभाओं को नई पहचान मिल सकती है। इससे नक्सल मुक्त बस्तर के विकास और गौरव को एक नया अध्याय मिल सकता है। यह पहल क्षेत्र के युवाओं के आत्मविश्वास को भी मजबूत कर सकती है। Source: Source Post navigation चिनाब पुल पर दौड़ती वंदे भारत का अद्भुत वीडियो वायरल, कश्मीर की खूबसूरती और भारत की इंजीनियरिंग का शानदार संगम राष्ट्रपति भवन में दिखी बस्तर की संस्कृति की झलक, मुर्मु और नेताओं ने मांझी-चालकी का किया सम्मान