तृणमूल कांग्रेस में जारी आंतरिक विवाद के बीच बागी सांसद अरूप चक्रवर्ती ने पार्टी नेतृत्व को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पारिवारिक दबाव है और वह पूरी स्वतंत्रता के साथ निर्णय नहीं ले पा रही हैं। उनके इस बयान ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों को और गहरा कर दिया है। चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि पार्टी की मौजूदा स्थिति ममता बनर्जी की मूल राजनीतिक सोच से अलग दिशा में जा रही है। इस बीच टीएमसी सांसदों का एक गुट संसद में अलग बैठने की मांग की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि यह गुट अपनी अलग राजनीतिक पहचान स्थापित करने की कोशिश में जुटा है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ सांसद राष्ट्रीय नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ विलय की संभावना भी तलाश रहे हैं। इस घटनाक्रम ने टीएमसी की एकता और नेतृत्व को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद पार्टी के भविष्य पर असर डाल सकता है। ममता बनर्जी की राजनीतिक विरासत और पार्टी की दिशा को लेकर भी बहस तेज हो गई है। हालांकि, टीएमसी नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन और राजनीतिक रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

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