संजीव घनगस, सोनीपत में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब बाल विवाह की सूचना छिपाने पर सख्त सजा लागू होगी और रिपोर्ट करने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य समाज में बाल विवाह को रोकना तथा पीड़ितों को न्याय दिलाना है। DLSA ने बताया कि सूचना देने वाले को किसी भी प्रकार की उत्पीड़न या दुष्प्रभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा; उनकी पहचान केवल संबंधित अधिकारियों तक सीमित रहेगी। साथ ही, उल्लंघन करने वाले को भारी जुर्माना एवं कारावास की सज़ा का सामना करना पड़ेगा। राज्य सरकार ने इस पहल को बाल अधिकारों की रक्षा में एक मील का पत्थर बताया है और सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस नीति को सहयोग दें, ताकि भारत में बाल विवाह समाप्त हो सके। Post navigation खण्डवा में जानवरों की चर्बी‑खाल के अवैध धंधे को बेमिनन किया गया, अनवर कुरैशी को सलाखों के पीछे पाया गया हरियाणा कॉलेज प्रवेश शेड्यूल 2024: आवेदन 7 मई से, मेरिट सूची व फीस की अहम तिथियां