छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के कम पंजीयन, कुष्ठ उन्मूलन अभियान की धीमी प्रगति और कमजोर मॉनिटरिंग पर नाराजगी जताई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर पर प्रभावी काम किए बिना स्वास्थ्य योजनाओं के लक्ष्य पूरे नहीं हो सकते। हर गांव में सरपंच, पंच, शिक्षक, मितानिन और जागरूक नागरिकों को शामिल कर 10 सदस्यीय हेल्थ अलर्ट ग्रुप बनाया जाएगा। यह समूह बीमारियों की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाने में मदद करेगा। मलेरिया नियंत्रण के लिए रैपिड टेस्ट, मोबाइल मेडिकल यूनिट और दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। टीबी उन्मूलन अभियान में पंचायतों को सक्रिय भूमिका निभाने और अधिक निक्षय मित्र जोड़ने को कहा गया है। कलेक्टर ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। देर से पहुंचे डॉक्टरों को समय पालन की चेतावनी दी गई। उन्होंने मरीजों को बेहतर इलाज के साथ सम्मानजनक व्यवहार देने पर जोर दिया। अस्पताल में कम मरीज आने पर संबंधित विभागों को स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

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