छत्तीसगढ़ के बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर एक पुराना पुल अचानक दो हिस्सों में टूट गया। हादसे के समय पुल से गुजर रही एक यात्री बस बीच में फंस गई। बस का अगला हिस्सा टूटे हुए स्लैब के किनारे अटक गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं। यह पुल बांसाझाल क्षेत्र में स्थित था और करीब 35 साल पुराना बताया जा रहा है। बारिश के बाद पुल की स्थिति और खराब हो गई थी। पुल टूटने से बिलासपुर-रतनपुर हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस मार्ग से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक, जबलपुर, शहडोल और मनेंद्रगढ़ जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बैरिकेडिंग की और वैकल्पिक मार्गों से यातायात डायवर्ट किया। निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-45 परियोजना की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। 510 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क पर पहले से दरारें और क्षति की शिकायतें सामने आ रही थीं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन मार्गों का ही उपयोग करें। Source: Source Post navigation NSUI प्रदर्शन के बाद जयपुर ने रेलवे से जल टैंकों की सुरक्षा बढ़ाने को कहा 300 करोड़ रुपये मासिक टोल के बावजूद छत्तीसगढ़ के नेशनल हाईवे असुरक्षित, 200 से अधिक मौतों ने उठाए बड़े सवाल