बिहार में ऋण-जमा अनुपात 60 प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है। यह अनुपात बैंकों द्वारा जमा राशि के मुकाबले दिए गए ऋण की स्थिति को दर्शाता है। 60 प्रतिशत से अधिक का अनुपात राज्य में बैंक ऋण वितरण की गतिविधियों को रेखांकित करता है। ऋण-जमा अनुपात का उपयोग बैंकिंग क्षेत्र की कार्यप्रणाली का आकलन करने के लिए किया जाता है। इसके माध्यम से यह समझने में मदद मिलती है कि बैंकों में जमा धन का कितना हिस्सा ऋण के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है। बिहार में इस अनुपात का 60 प्रतिशत से ऊपर बने रहना राज्य की ऋण वितरण स्थिति से जुड़ा महत्वपूर्ण संकेतक है। यह अनुपात कृषि, व्यापार, उद्योग और अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्धता के विश्लेषण में उपयोगी होता है। हालांकि, केवल इस आंकड़े के आधार पर राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। ऋण वितरण की वास्तविक स्थिति समझने के लिए क्षेत्रवार आंकड़ों का विश्लेषण भी आवश्यक है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिहार का ऋण-जमा अनुपात 60 प्रतिशत से अधिक बना हुआ है। Source: Source Post navigation भारत में BYD की लग्जरी ब्रांड Denza की एंट्री, D9 इलेक्ट्रिक MPV 13 नवंबर को होगी लॉन्च