बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर हो रही इस कार्रवाई से जहां मुंबई के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का हुलिया पूरी तरह बदल जाएगा, वहीं चुनावी वादों और जमीनी हकीकत के बीच फंसे सैकड़ों परिवार इस चिलचिलाती गर्मी में बेघर हो गए हैं.

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