सोलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में ट्वीशा मामले में अपनी दलील रखी. उन्होंने कहा कि एक तलाकशुदा बेटी का होना एक मृत बेटी से बेहतर है. यह मामला एक महिला के खिलाफ उसके पति द्वारा दायर किया गया था. महिला ने अपने पति के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की और सोलिसिटर जनरल की दलील सुनी. सोलिसिटर जनरल ने कहा कि तलाक एक बेहतर विकल्प हो सकता है अगर यह जीवन को बचाने में मदद करे. उन्होंने यह भी कहा कि महिला को अपने फैसले का अधिकार है और उसे अपने जीवन के बारे में निर्णय लेने की स्वतंत्रता है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाने के लिए समय मांगा है. यह मामला महिला अधिकारों और तलाक के मुद्दे पर केंद्रित है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस मामले में महत्वपूर्ण होगा. महिला के अधिकारों की रक्षा के लिए यह फैसला एक मिसाल कायम करेगा.

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