भारतमाला परियोजना में हुए करोड़ों के मुआवजा घोटाले की जांच को तेज़ करने के लिए राज्य कमिश्नर ने दो विशेष जाँच टीमें बनायीं हैं। ये टीमें प्रत्येक बड़ा खसरा नंबर अलग-अलग जांचेंगी जिससे धनराशि की ग़लत इस्तेमाल की पूरी लकीर तक पहुँचा जा सके। पहले भी एकेडी ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की थी, पर अब प्रशासनिक स्तर पर इस बात को और गंभीरता से देखा जा रहा है। टीमों के प्रमुख अधिकारी ने कहा कि वे सभी लेन‑देनों, दस्तावेज़ों और संबंधित अधिकारियों की सुनवाई करेंगे। जांच के परिणामों को सार्वजनिक करने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस कदम से सरकार की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों पर भरोसा बढ़ाने की आशा है। Post navigation भोपाल के ऐशबाग में शौचालय विवाद: नगरपालिका कार्यप्रणाली पर सवाल संयुक्त राज्य ने 657 प्राचीन भारतीय वस्तुएँ लौटाईं, 43 साल बाद रायपुर में दुर्लभ अवलोकितेश्वर प्रतिमा का आगमन