नई दिल्ली (रिपोर्ट) – भारत का पहला जनरेटिव एआई (GenAI) यूनिकॉर्न, क्रूत्रिम टेक्नोलॉजीज, हाल ही में अपने मुख्य व्यवसाय मॉडल में बदलाव कर क्लाउड‑आधारित सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कंपनी ने पिछले साल दो महत्त्वपूर्ण दौर में फंडिंग जुटाकर लगभग 1 बिलियन रुपये की वेल्यूएशन हासिल की थी, लेकिन पिछले छह महीनों में विकास की गति धीमी रहने के कारण बड़े पैमाने पर पुनर्संरचना करनी पड़ी। कर्मचारियों की संख्या में 30% की कटौती के बाद, क्रूत्रिम ने घोषणा की कि वह अब एआई मॉडल की डिलीवरी के बजाए क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा स्टोरेज और एआई‑एज‑ए‑सर्विसेज़ पर केंद्रित होगा। कंपनी के सीईओ ने बताया कि भारतीय बाजार में बड़े पैमाने के जनएआई मॉडल विकसित करने के लिए आवश्यक कंप्यूट रिसोर्सेज़ की लागत अत्यधिक बढ़ी है, जिससे निवेश पर रिटर्न की प्रक्षेपण में गंभीर बाधाएँ उत्पन्न हुईं। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की रणनीतिक मोड़ छोटी‑भुगतान वाली एआई सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए समझदारीपूर्ण है, परंतु यह भारत के एआई इकोसिस्टम की बुनियादी चुनौतियों—कुशल मानव शक्ति, पूँजी‑संसाधन और नियामक माहौल—को उजागर करता है। क्रूत्रिम की नई दिशा का प्रभाव अन्य स्टार्ट‑अप्स और निवेशकों के लिये संकेतक बन सकता है, जिससे भविष्य में एआई‑आधारित उद्यमों को अधिक सतत व्यवसाय मॉडल अपनाने की आवश्यकता महसूस हो सकती है। Post navigation अमेज़न ने नया नॉबेल‑प्रेरित डीह्युमिडिफ़िकेशन सिस्टम अपनाया, ऊर्जा खर्च में कमी की आशा सीपोर्टकिट ने 27 मिलियन डॉलर की सीरीज‑ए फंडिंग प्राप्त कर एआई एजेंट विकास को तेज किया