भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाई। यह 10 कोच वाली यात्री ट्रेन है, जो अपनी क्षमता के कारण दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल है। भारतीय रेलवे के अनुसार, दुनिया में चल रही या परीक्षण के दौर में मौजूद अधिकांश हाइड्रोजन ट्रेनों में केवल 2 से 3 यात्री कोच होते हैं। भारत की यह ट्रेन हरित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। हाइड्रोजन ईंधन आधारित तकनीक से प्रदूषण कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह ट्रेन आधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देगी। रेलवे ने इसके संचालन, रूट और समय से जुड़ी जानकारी साझा की है। परियोजना का उद्देश्य भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल परिवहन को मजबूत करना है। हाइड्रोजन ट्रेन भारत की तकनीकी प्रगति और रेलवे आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इस पहल से देश में वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलने की संभावना है। Source: Source Post navigation भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन आज पटरी पर: PM मोदी जींद से दिखाएंगे हरी झंडी, रेलवे में नई शुरुआत